Rajasthan Education : राजस्थान के शिक्षा विभाग की नई व्यवस्था, कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों की हो गई बल्ले-बल्ले

राजस्थान के शिक्षा विभाग ने हाल ही में कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों के लिए एक बेहद राहत भरा फैसला लिया है। इस नई शिक्षा नीति के तहत विद्यार्थियों के लिए सत्र 2026-27 से पाठ्यपुस्तकों का वितरण दो चरणों में किया जाएगा।


यहाँ इस नई व्यवस्था के मुख्य बिंदु दिए गए हैं:

1. स्कूल बैग का भार होगा आधा (50% कम)

शिक्षा विभाग की योजना के अनुसार, अब छोटे बच्चों को भारी-भरकम बैग लेकर स्कूल नहीं जाना होगा। नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत सत्र 2026-27 से पाठ्यपुस्तकों का वजन करीब 50 प्रतिशत तक कम हो जाएगा, जिससे बच्चों के शारीरिक स्वास्थ्य और सीखने की क्षमता पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।


2. दो चरणों में मिलेगी किताबें

अभी तक बच्चों को पूरे साल की किताबें एक साथ दी जाती थीं, जिससे बैग भारी हो जाता था। अब नई व्यवस्था में किताबें दो चरणों में बांटी जाएंगी:


प्रथम चरण: सत्र की शुरुआत में केवल पहले छमाही की किताबें दी जाएंगी।


द्वितीय चरण: दूसरे छमाही में शेष पाठ्यक्रम की किताबें दी जाएंगी।


3. स्थानीय संस्कृति और महान नायकों की पढ़ाई

नए पाठ्यक्रम में राजस्थान की स्थानीय संस्कृति और जीवन मूल्यों को जोड़ा गया है। बच्चों को अब महाराणा प्रताप, मीरां बाई, पन्ना धाय और छत्रपति शिवाजी जैसे राष्ट्रनायकों के बारे में पढ़ाया जाएगा।


4. डिजिटल तकनीक का उपयोग

अभिभावकों और शिक्षकों को अब एक मोबाइल ऐप के माध्यम से भी जोड़ा जाएगा। इस ऐप के जरिए बच्चों की पढ़ाई और सीमित पुस्तकों के उपयोग के बारे में जानकारी दी जाएगी।


5. शीतकालीन अवकाश और अन्य राहतें (ताजा अपडेट)

हाल ही में कड़ाके की ठंड और शीतलहर को देखते हुए भी राजस्थान के कई जिलों (जैसे जयपुर, सीकर) में कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों के लिए 10 जनवरी 2026 तक छुट्टियां बढ़ा दी गई हैं, जिससे छोटे बच्चों को राहत मिली है।


“यह जानकारी आधिकारिक सूत्रों के आधार पर है।” 

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