भारतीय रेल ने साल 2026 को 'Year of Reforms' (सुधारों का वर्ष) के रूप में मनाने का संकल्प लिया है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारतीय रेलवे में ऐतिहासिक परिवर्तन आया है।"
1. सुरक्षा पर सबसे बड़ा फोकस (Safety Priority)
दुर्घटनाओं में कमी: रेलवे ने बताया है कि 2014-15 में गंभीर रेल दुर्घटनाओं की संख्या 135 थी, जो 2025-26 में घटकर केवल 11 रह गई है।
सिंगल डिजिट लक्ष्य: अब सरकार का लक्ष्य इन हादसों की संख्या को 10 से कम (सिंगल डिजिट) पर लाना है। इसके लिए 'कवच' और पटरियों के रखरखाव पर तेजी से काम होगा।
2. तकनीक और AI का उपयोग
रेलवे ऑपरेशंस, मेंटेनेंस और सुरक्षा के लिए Artificial Intelligence (AI) और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा।
इससे ट्रेनों की देरी कम करने और तकनीकी खराबी का पहले ही पता लगाने में मदद मिलेगी।
3. खान-पान और यात्री सुविधाएं (Catering & Services)
यात्रियों की सबसे बड़ी शिकायत खान-पान की गुणवत्ता को लेकर रहती है। अब कैटरिंग और ऑनबोर्ड सर्विसेज में बड़े सुधार किए जाएंगे ताकि "घर जैसा और स्वच्छ" खाना मिल सके।
स्टेशनों पर मशहूर (जैसे हल्दीराम, मैकडॉनल्ड्स आदि) के आउटलेट खोलने की अनुमति दी जा रही है।
4. क्षमता विस्तार और नए कोच
जनरल और नॉन-एसी कोच: आम जनता की मांग को देखते हुए इस साल रिकॉर्ड 4,838 नए LHB जनरल और स्लीपर कोच बनाए जा रहे हैं।
यात्री ट्रेनों के उन्नयन के लिए, अब 16 और 20 कोच वाली मेन लाइन ईएमयू ट्रेनों का निर्माण किया जाएगा। अब तक, एमईएमयू ट्रेनों का निर्माण 8 या 12 कोचों के साथ किया जाता था। यह परियोजना तेलंगाना के काजीपेट में शुरू हो रहे एक नए कारखाने में कार्यान्वित की जाएगी। इससे कम दूरी की यात्रा करने वालों को काफी राहत मिलेगी।
भारत स्टेशनों के काम को मंजूरी दी जा चुकी है। इनमें से 103 स्टेशन हाल ही में बनकर तैयार हुए हैं और प्रधानमंत्री ने बीकानेर से इनका उद्घाटन किया। दिसंबर 2025 तक 100 और स्टेशन पूरे हो जाएंगे और 2026 तक 500 और स्टेशन बनकर तैयार हो जाएंगे।
इससे ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट की समस्या कम होगी और यात्रा अधिक आरामदायक बनेगी।
5. कर्मचारियों की ट्रेनिंग
रेलवे कर्मचारियों को नई तकनीक और बेहतर यात्री सेवा के लिए विशेष प्रशिक्षण (Skill Development) दिया जाएगा।
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